इंदौर। वरिष्ठ साहित्यकार रमेशचन्द्र शर्मा को सरस्वती शिशु मंदिर, धार में आयोजित भव्य आयोजन में शॉल, श्रीफल देकर सम्मानित किया।
यह आयोजन शिशु मंदिर के पूर्व छात्रों, आचार्य एवं दीदी के मिलन समारोह के रूप में आयोजित किया गया। इसमें 1972 से 2020 तक के छात्र एवं आचार्य शामिल हुए।
उल्लेखनीय है श्री शर्मा के लिखित नाटक “मैना का बलिदान” का मंचन 1979 में रविन्द्र नाट्य गृह, इंदौर में अपार सफलता के साथ हुआ था। शिशु मंदिर धार के तात्कालीन भैया बहिनों के शानदार अभिनय ने सफलता में चार चांद लगा दिए। संवाद बच्चों में जोश भरते रहे। खचाखच भरा हॉल बार-बार तालियों से गूंज रहा था।
देश-विदेश से बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शामिल हुए। पूर्व छात्रों और आचार्य गण ने अपने समय के अनुभव मंच से साझा किये।
समारोह के मुख्य अतिथि विष्णु जी नारोलिया प्रांत पूर्व छात्र संयोजक अंबिका दत्त कुंडल धार विभाग संयोजक विशेष अतिथि सरदार सिंह तंवर एवं संजीव तिवारी, राखी रांय थी।
सन् 2026 में सरस्वती शिशु मंदिर, धार के साठ वर्ष पूरे होने के साथ विद्या भारती का संयुक्त महा सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया गया।