2122  1212  22 मयकदे की शराब हो जाते आप थोड़े ख़राब हो जाते ******* ख़ार होते नहीं जो दामन में। आप बेशक गुलाब हो जाते। ******** कनखियों से जोे देखती तुमको। उस हसीं का हिजाब़ हो जाते। ******** जिसमें क़लमा रहे मुहब्बत का। ऐसी कोई किताब…  हो जाते। ******* इक […]

किसी ने स्याह चश्मी से निहारा है। यही तो बस मुहब्बत का इशारा है। *************************** जबीं आया नज़र जो काकुलें बिखरीं। मेरे महबूब का प्यारा ……नज़ारा है। **************************** लटें खुलती लगे के छा रहे बादल। दिखे मुस्कान तो लगता बहारा है। *************************** तुझे उपमा भला क्या दूँ बता मुझको। कि […]

प्यार से उसको बुलाना चाहता हूँ। फिर गले उसको लगाना चाहता हूँll  प्रेम से मेरे रही अनजान…है वो। बात सच दिल की बताना चाहता हूँll  वास्ता मुझसे रखे वो या नहीं फिर। बस उसे मन में बसाना…चाहता हूँll  जा रही हो छोड़कर मुझको अगर वो। रोककर उसको मनाना…चाहता हूँll  रो […]

खुद मुझे कितना रुलाकर चल दिए। आँख से आँसू बहाकर…चल दिएll  क्यूँ नहीं शिकवा किया हमसे कभी। गम सभी दिल में छिपाकर चल दिएll  फासले उसने रखे हमसे…सदा। और हमको ही सुनाकर…चल दिएll  मान लेते गर उन्हें अपना…कभी। क्या पता पीछा छुड़ाकर चल दिएll  मंजिलें मिलती रहीं आसाँ…किसे। खार में […]

तुम्हें अपना बनाना है नहीं आसाँ अगर सुन लो। तुम्हारे ही लिए अपना सभी कुछ फिर लुटा देंगे॥ कहेगा दास्ताँ अपनी धरा औ…आसमाँ सबसे। तुम्हारे नाम से हम प्यार की गंगा…बहा देंगे॥ तेरे बिन हिज्र में रातें गुजारी हैं…बड़ी मैंने। लुटाकर दिल तुझी पर वस्ल भी हमदम करा देंगे॥ बड़ी […]

प्यार का है बोलबाला हर गली में, आशिकी कब इस जमाने में छिपी है। नाचती है मौत चौराहे…नगर में, बीच हर बाजार दुर्घटना…घटी है। इश्क आशिक को लगा करता सभी कुछ, प्यार में पड़ के नजर किसकी हटी है। जब मुसीबत में समझ आए न रस्ता, मौत उसको तो लगे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।