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नेताओं की जिंदगी, जबसे मस्त हो गई , चीजें बहुत महंगी, जिंदगी सस्ती हो गई। कहता था जो मसीहा,लाएगा अच्छे दिन, विदेश यात्रा पूरी उसकी एक साल हो गई। खुलेआम घूमते हैं बदमाश,इस शहर में, बस्ती अब शरीफों की सुनसान हो गई। शहीद पर न बहे होंगे,नेताओं के इतने आंसू, […]

दिल में है कुछ छुपा हुआ, आज होंठों पर हम लायें । चलो खुशनुमा मौसम में , प्यार का त्यौहार मनायें ।। ये तो हसीन लम्हा है, एक- दूजे के हम हो जायें । दिलों में प्यार इतना भर लें, हर दिन # प्रेम दिवस* बन जायें ।।।।। वासिफ काज़ी […]

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रब का बन्दा रोए काहे, तू है रब का बन्दा.. काहे बाँधे वो धागे,जो बन जाए फन्दा। कोशिश तो कर खुलेगा, इन हवाओं से लिपटकर तू भी बहेगा महसूस होगा तू भी है ज़िन्दा, काहे रोए तू है रब का बन्दा। कहता सौ वारी सौ बातें ये जहाँ, इनके कहे […]

माँ को तड़पता सिसकता कराहता देख मन विचलित हो जाता है, आँखों में आंसू नहीं मन तड़प जाता है। मां की जिन्दगी के अंतिम पड़ाव का ये हाल देखा नहीं जाता है, दर्द दिल का सहा नहीं जाता है। अन्न जल मोह माया सभी तो त्याग दिया है, सांसों ने […]

कब आओगे रविवार? काम बहुत है, जो रख छोड़े, भरोसे तुम्हारे प्यारे रविवार| साफ-सफाई कपड़ों की धुलाई, घर को सजाना है, कब आओगे रविवार? दोस्तों को बुलाना है, उनके घर भी जाना है, पिकनिक मनाना है, आ भी जाओ रविवार | बना लूँ कोई शिल्प आकृति , या कर लूँ […]

इश्क़ को कुछ दिनों में, बांधना गुनाह है। इश्क व्यापार नहीं, बस दिली चाह है। पश्चिमी सभ्यता में, दिन हैं बँधे हुए। रिश्ते उलझनों में, दिल है खुले हुए। रिश्तों की मर्यादा, यहाँ खुद से है वादा। यहाँ तो प्यार भी, मीरा-सा बेपरवाह है।       #शशांक दुबे लेखक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।