1. पेड़ लगाओ संतुलन बनाओ सृष्टि बचाओ 2. गिरा देती है ओछी मानसिकता मानवता को 3. हरे हो जाते चुनाव समय में वादों के पौधे 4. सूख जाते हैं कुर्सी पर आते ही वादों के पौधे 5. तैयार खड़े स्वागत करने को फूल लेकर #अशोक कुमार ढोरिया मुबारिकपुर(हरियाणा)
क्यूँ आज मानव बारूद की बन गया है भयानक ढेरी कर्त्तव्य भूल कर। है आज सबसे भयानक सारे विश्व में चर्चा का विषय आतंक की बीमारी। क्या तुम्हें पता है प्रदूषण पैदा करता असंख्य बीमारी मानव जीवन मेंहाँ। सद विचार इंसान को मंजिल पर पहुँचा देता है अपनाकर देखो। #अशोक […]
वरिष्ठ अधिकारी नवनियुक्त सिपाही से कहता है आज आपको सी० आर० लेकर दिल्ली जाना है। सिपाही -श्रीमान जी, क्या मुझे अकेले जाना है वहाँ ? अधिकारी -“हाँ अकेले जाना है तुम्हे ।” सिपाही -नहीं ; श्रीमान जी मैं सी०आर० लेकर नहीं जाऊँगा। वरिष्ठ अधिकारी-“आप अभी भर्ती होकर आए हो […]
हलकू हर किसी काम को दरकिनार करता रहता था।वह केवल अपने अधिकार के बारे जानता था। कर्त्तव्य की बात आते ही वह पूरा वकील बन जाता था। एक बार गाँव में आधार कार्ड बनाने वाले आ गए।आधार कार्ड निःशुल्क बनाए जा रहे थे। […]
कविता त्रेता में रावण को मारा, बेघर आज थाड़े हो | लेकर घूम रहे हैं नेता, हाथों तुझको आड़े हो | नेताओं को बल देते हो , जो तुझको भरमाते हैं | रंग बदलते ये तो ऐसे , गिरगिट भी शरमाते हैं | राम नाम का नारा देकर , राम-राज्य […]
सत्ता का ऊँट चाहे जिस करवट बैठे लाभार्थी दो ही होते हैं ऊपर वाला और नीचे वाला | बीच वाला सदा बीच में लटकता है त्रिशंकु की तरह अटकता है | कर्म की खाता है न भाग्य पर रोता है पर नास्तिक नहीं आस्तिक है आस्था के साथ जीता है […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।
वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।