बहुत करते हो तुम गुस्सा
खफ़ा नाराज़ होते हो
बड़ी आँखे दिखाते हो
डराकर जान लेते हो।
बहुत करते हो तुम गुस्सा
खफ़ा नाराज़ होते हो।
निकल जाये न सीने से
दहशत में न पड़ जाये
बहुत ज़िद्दी किसम के हो
देख तबियत बिगड़ जाये।
बहुत करते हो तुम गुस्सा
खफ़ा नाराज़ होते हो।
मानता हूँ तुझे जितना
रूठ कर मुँह फुलाते हो
बिठाते हो मुझे पलकों
अश्क़ भर क्यों रुलाते हो।
बहुत करते हो तुम गुस्सा
खफ़ा नाराज़ होते हो।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।
Sat May 26 , 2018
बचपन,जवानी और बुढ़ापा जीवन का हर रंग खरा सा बचपन मे जिसे संस्कार मिले पढ़ने का अच्छा आधार मिले जवानी उसकी पहचान बनाती ताकत भी राष्ट्र काम आती कुसंस्कारों से वह बचा रहता सद्चरित्र उसके सदा काम आता बुढ़ापा भी उसका कष्ट न देता निरोग काया स्वस्थ्य मन देता प्रभु […]