सबकी माँ के जैसी माँ हो
मेरी माँ के जैसी न माँ हो।
छाती का न दूध पिलाये
रोता देख पलट सो जाये
समझे बेदना न पीड़ा की
सीने से न कभी लगाये।
सबकी माँ के जैसी माँ हो
मेरी माँ के जैसी न माँ हो।
प्यास से तड़पे बूंद-बूंद के
प्राण निकल बच्चे के जाये
ऐसी माँ निःसंतान रहे जो
हारी-बीमारी पास न आये।
सबकी माँ के जैसी माँ हो
मेरी माँ के जैसी न माँ हो।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।
Fri May 18 , 2018
उसका हिंदी के प्रवक्ता पद पर अनुमोदन विश्वविद्यालय के निर्धारित सरकारी प्रवक्ताओं ने कर दिया। फिर फोटोबाजी हुई। सेल्फ फाइनेंस कालेजों के रिवाज और विश्वविद्यालय के मिजाज के अनुसार अनुमोदन करने वाली टीम को पांच -पांच हजार के पैकेट कालेज के प्रबंधक ने सौंपे। सभी धीरे- धीरे अपनी जेबो में […]