आस्तीन के सांप

आस्तीन के सांपों ने,
अपनों को ही डस डाला।
हंसते खेलते जीवन को,
देखो नरक बना डाला।

समझा जिनको शुभचिंतक,
जिनको अपनों सा प्यार दिया।
राज बताए जिनको अपने,
जिनपर पूरा ऐतबार किया।

गले से लगाया जिनको हमने,
जिनको दिल में बसाया।
समझा जिनको यारा अपना,
सुख दुःख में साथ निभाया।

गिरगिट जैसा रंग बदलते,
अपनों को ही डसते।
अपनी फितरत से बाज ना आएं,
पल पल चेहरे में बदलते।

पल भर भरोसा देते तोड़,
और पीठ पे खंजर देते भोंक।
आस्तीन के सांप हमेशा ,
हैं मुश्किल में संग देते छोड़।

रग रग में इनके झूठ बसा है,
चालाकी हर सांस में।
फरेब का खंजर हाथ में लेकर,
फिरते हैं आस्तीन के सांप ये।

लालच ,धोखा, मक्कारी,
हैं इनकी यही निशानियां।
देख फायदा अपना ये,
करते हैं ये शैतानियां।

घात लगाए बैठे हैं वो,
करने को हम पर वार ।
इनका सामना करने को,
हमको रहना है तैयार।

समय रहते ही इनकी ,
हम कर लें पहचान।
नहीं तो हम कर बैठेंगे,
अपना ही नुकसान।

अच्छे सच्छे मित्र बनाओ,
मत पालो आस्तीन के सांप।
यदि रहोगे सजग हम,
इन दुष्टों को जाएंगे भांप।

आस्तीन के सापों को,
अब ना दूध पिलाना है।
पहचान के ऐसे दुष्टों को,
अपने से दूर भगाना है।

सोच समझ करना भरोसा,
यूं ना करना विश्वास।
जौहरी सी परख सीखकर,
बनाना जीवन खुशहाल।

रचना
सपना (स० अ०)
प्रा० वि० उजीतीपुर
जनपद औरैया

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।