तू कितना बदल गया हिंदुस्तान

nadeem khan
अब भी जालिमों की तरफदारी कर रहा है इंसान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान
फसलें बर्बाद हो रहीं हैं कारोबार भी चौपट है
फिर भी विदेशों में घूम रहा लगता है ये नेता फौकट है
कारोबारी कर्जा लेकर भाग रहे खुदकुशी कर रहे किसान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान
कुर्सी के ठेकेदारों के कारण पैदा मंगल लक्ष्मी अब्दुल हमीद नहीं होते
मेरे मुल्क के वीरों की खुशियों के दिवाली और ईद नहीं होते
सरहद पर रोज जान गवा रहा वीर जवान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान
गरीबों से रिश्वत लेते अफसर चन्द नोटों की खातिर
कई वर्गों में बांट दिया इंसाँ को चन्द वोटों की खातिर
कब खत्म होगा भ्रष्टाचार आरक्षण कब होगा जनरल पर ये अहसान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान
ज़िक्र करता हूँ एक और बड़ी बीमारी का
क्या करें अब साहेब बढती बेरोजगारी का
आजाद होकर भी दर दर की ठोकर खा रहा नौजवान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान
उठ जाग अब अपना रुप बदल ले
सारी बुराइयों को अब तू निगल ले
इल्तिजा कर रहा है नदीम अनुज खान
तू कितना बदल गया हिंदुस्तान तू कितना बदल गया हिंदुस्तान

नाम  –  नदीम खान “अनुज”
साहित्यिक उपनाम  –  अनुज 
वर्तमान पता –  केलवाड़ा जिला बारां
राज्य –  राजस्थान  
शहर –  केलवाड़ा 
शिक्षा –  BA 
कार्यक्षेत्र – केलवाड़ा 
विधा –  कविता 
प्रकाशन –  कोई  नहीं  
सम्मान –  कोई नहीं 
अन्य उपलब्धियाँ –  कोई नहीं 
लेखन का उद्देश्य – लोगों का मार्गदर्शन करना  

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।