माँ नहीं है…
तेरी आँखों से बहता पानी,
मुझे सब कुछ बताता है
जब तू रोता है,
मेरा दिल भर आता है
क्या कोई गैर है
या है अपना,
बता कौन है वो
जो तुझे हरदम रुलाता है।
तेरी आँखों से…
पापा सब कुछ है मेरे पास,
पर माँ नहीं है
उसके साथ बिताया
एक-एक पल
याद आता है।
तेरी आँखों से।
#अजय जयहरि
परिचय : अजय जयहरि का निवास कोटा स्थित रामगंज मंडी में है। पेशे से शिक्षक श्री जयहरि की जन्मतिथि १८ अगस्त १९८५ है। स्नात्कोत्तर तक शिक्षा हासिल की है। विधा-कविता,नाटक है,साथ ही मंच पर काव्य पाठ भी करते हैं। आपकी रचनाओं में ओज,हास्य रस और शैली छायावादी की झलक है। कई पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन होता रहता है।
Thu Dec 14 , 2017
अहंकार का मूल मिटाकर, भाईचारा अपनाएँ। ‘तू-तू, मैं-मैं’ में क्या रखा, समझें,सबको समझाएँ॥ ईश्वर ने कुछ सोच-समझकर ही परिवार बनाया है- रिश्तों की मजबूती में, कुछ वो आएँ,कुछ हम आएँ॥ #अवधेश कुमार […]