दिल से दिल की बात करेंगे।
बातें सारी रात करेंगे॥
शतरंजी ये चाल तुम्हारी,
चुटकी भर औकात करेंगे।
बतलाओ मत जात तुम्हारी,
सुन लो फिर आघात करेंगे।
नज़रों में तुम खटक गए तो,
समझो तुम वो घात करेंगे।
आँसू छलके राज खुलेंगे,
सावन-सी बरसात करेंगे।
नेता उनको चुनवा दें तो,
सबकी उल्टी खाट करेंगे।
अंधे फिर भी पहचानें ‘ध्रुव’,
गैरों की वो मात करेंगे।
#प्रदीपमणि तिवारी ‘ध्रुवभोपाली’
परिचय: भोपाल निवासी प्रदीपमणि तिवारी लेखन क्षेत्र में ‘ध्रुवभोपाली’ के नाम से पहचाने जाते हैं। वैसे आप मूल निवासी-चुरहट(जिला सीधी,म.प्र.) के हैं,पर वर्तमान में कोलार सिंचाई कालोनी,लिंक रोड क्र.3 पर बसे हुए हैं।आपकी शिक्षा कला स्नातक है तथा आजीविका के तौर पर मध्यप्रदेश राज्य मंत्रालय(सचिवालय) में कार्यरत हैं। गद्य व पद्य में समान अधिकार से लेखन दक्षता है तो अनेक पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होते हैं। साथ ही आकाशवाणी/दूरदर्शन के अनुबंधित कलाकार हैं,तथा रचनाओं का नियमित प्रसारण होता है। अब तक चार पुस्तकें जयपुर से प्रकाशित(आदिवासी सभ्यता पर एक,बाल साहित्य/(अध्ययन व परीक्षा पर तीन) हो गई है। यात्रा एवं सम्मान देखें तो,अनेक साहित्यिक यात्रा देश भर में की हैं।विभिन्न अंतरराज्यीय संस्थाओं ने आपको सम्मानित किया है। इसके अतिरिक्त इंडो नेपाल साहित्यकार सम्मेलन खटीमा में भागीदारी,दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में भी भागीदारी की है। आप मध्यप्रदेश में कई साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं।साहित्य-कला के लिए अनेक संस्थाओं द्वारा अभिनंदन किया गया है।
Fri Oct 13 , 2017
‘नजर’ तुम कृपा की हमसे ना फेरो, हे कृष्ण माधव माेहन मुरारी। हे दीन बंधु अमित करूणा सिन्धु, गूंजे मन में हरदम बंशी तुम्हारी॥ चाहत से राहत दो मन को हे माधव, मिटे मलिन विषयों की खुमारी। चंचल चपल मन को तुम ही भाओ, कर सकूं अनन्य भक्ति गिरधारी॥ मुख […]