मातृशक्ति

teena jain

ये दुनिया वृक्ष है,इसका तना मेरी माँ l
समाज उसका फल है तो उसे सींचती ये मातृशक्ति ll
ठूँठ बाल जीवन को,हरा-भरा करती मातृशक्ति l
स्वयं शक्ति का रूप,पर रक्षा का बंधन करती मातृशक्ति ll
खुद पवित्रता की मूरत,पर अग्नि परीक्षा देती मातृशक्ति l
घर ही नहीं,शासन भी चलाती मातृशक्ति ll

जग का कल्याण करने चली,छोड़ यशोधरा अकेली मातृशक्ति l
अपने फर्ज पर,अपने दूध का कर्ज का उतारती मातृशक्ति ll
अपना दामन बचाने को जौहर भी कर जाती मातृशक्ति l
अपने सम्मान की रक्षा करने बाँध शिशु को पीठ पर युद्ध में उतर जाती मातृशक्ति ll
भूत नहीं,वर्तमान भी नतमस्तक है मातृशक्ति l
मेरे शब्दों की अपनी सीमा मेरा कण-कण समर्पित
मातृशक्ति ll

                                                        #टीना जैन

परिचय: टीना जैन पुश्तैनी परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध राज्य राजस्थान से है। १९८० में आपका जन्म हुआ और शिक्षा स्नातक सहित एम.ए., बी.एड. तथा एम.एड. भी है। बतौर गृहिणी आप शहर उदयपुर के खेरवाड़ा (तहसील रोड) में रहती हैं। आपकी रुचि कविता लेखन में है।

matruadmin

Next Post

विश्‍व मन की भाषा बनी है हिंदी

Mon Sep 18 , 2017
#प्रो. विनोद कुमार मिश्र वर्धा | महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में `हिंदी दिवस` समारोह में विश्‍व हिंदी सचिवालय(मॉरिशस) के महासचिव प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि,हिंदी विश्‍व मन की भाषा बन चुकी है। हिंदी के विकास में सभी भारतीय भाषाओं ने महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। हिंदी को सोशल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।