पिया के नाम को अपने हथेली में रचाती है,
पिया को हर घड़ी अपने हृदय में वो बसाती है।
सुना है प्यार से जिसके सजन जी प्यार हैं करते,
उसी के हाथ में हिना भी अपना रंग लाती है।
अजब-सी एक हलचल फिर हमारी साँस में उठती,
बुलाकर पास वो अपने गले से जब लगाती है।
यहाँ हम एक-दूजे से बसे हैं दूर, अब कैसे?
धड़कते दिल की हर धड़कन, धड़ककर के बताती है।
गरीबों का भला अब-तक सियासत कर नहीं पाई,
सियासी फायदे की खातिर हमें हमसे लड़ाती है।
अजब-सी ये कहानी है सुनो ‘अविनाश’ चाहत की,
जिसे अक्सर तुम्हारी साँस, धड़कन को सुनाती है।
#अविनाश सिंह अमेठिया
परिचय : अविनाश सिंह अमेठिया की जन्मतिथि-२२ मई १९९३ एवं जन्म स्थान-रांची है। शिक्षा-स्नातक और आपका कार्यक्षेत्र-कोल इंडिया है। सामाजिक क्षेत्र में आप साहित्य सेवा के अन्तर्गत विधा श्रृंगार तथा ओज में लेखन करते हैं। देवरिया में आपका निवास है। सम्मान में अब तक मुक्तक मणि, मानस मणि प्राप्त है। आपके लेखन का उद्देश्य-साहित्य सेवा है और बचपन का शौक भी पूरा करना है।