हे भारतीय राजनीति के
कलंकों,
अब तो देश को बख्श दो,
आज़ादी से आज तक देश
को छला,
अब तो कुछ उत्थान हो जाने
दो।
अपनीकुर्सी न जाए तुम चलते
हो गंदी चालें,
कभी जाति,
कभी धर्म,
कभी भाषा की
खड़ी करते हो दीवारें,
आज भी देश ढो रहा है
आरक्षण का कोढ़,
कभी दलित,
कहीं अल्पसंख्यक
का मचाते हो शोर,
अरे हर जाति,
हर धर्म मे हैं
गरीब,भूखे-प्यासे,
सिर्फ गरीबी को ही
क्यों सुविधाओं का
आधार तुम नहीं बनाते।
डरते हो ,
फिर कहां बचेगी
तुम्हारी दोगली राजनीति,
सोचते हो फिर किसको
छलोगे मीत ?????
#गंगा प्रसाद पांडे ‘भावुक’
परिचय : गंगा प्रसाद पांडे ‘भावुक’ का जन्म स्थान उत्तरप्रदेश में ग्राम समनाभार कटरा (जिला सुल्तानपुर)है। आप स्थाई रुप से उत्तरप्रदेश के शिवनगर भंगवा (जिला प्रतापगढ़) के हैं। शिक्षा बी.एस-सी.,एमए तथा बी.एड. है। लेखन विधा अतुकांत,हाइकु अधिक पसंद है। सामाजिक विसंगतियों पर ही लेखन करते हैं।
Tue Aug 1 , 2017
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