“कागज़ के दो पंख” की वर्षगाँठ पर आयोजन सम्पन्न

इंदौर। शब्दों, कहानियों और भावनाओं को मंच देने वाले “कागज़ के दो पंख” की वर्षगाँठ पर रविवार को हेम लोक में साहित्यिक आयोजन हुआ।

कार्यक्रम में विजिया कुशवाह, शिवी गोयल, श्वेता यादव, दिव्यांश शर्मा, उर्मिला रायकवार, गौरव अग्रवाल, स्वतंत्र जैन, अजीत शर्मा और जयश्री भार्गव ने अपनी कहानियों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को जीवन के विभिन्न रंगों और अनछुए पहलुओं से रूबरू कराया।
शायर धीरज चौहान ने अपने चुनिंदा शेरों और ग़ज़लों से शाम में शायरी की खूबसूरत खुशबू घोली। वहीं शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, हिंदी भाषा के सारथी तथा मातृभाषा डॉट कॉम के संस्थापक-संचालक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने कार्यक्रम में पहुंचकर नवोदित कहानीकारों और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विशेष प्रस्तुति फ्रीस्टाइल डांसर लव अटूट और शाश्वत शर्मा की रही। प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम का समापन मुकुल इजारदार के “पहली मोहब्बत” और सचिन पाल के “दर्द-ए-दिल” गीतों से हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान वैभव महावर ने अपने गिटार से प्रस्तुति दी।
संस्थापिका जयश्री भार्गव ने कहा, “कागज़ के दो पंख मेरे लिए सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि उन तमाम कहानियों का घर है, जिन्हें सुना जाना चाहिए।
आयोजन में सुधि साहित्यिक लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।