हिन्दी पूजन से आरम्भ हुआ मातृभाषा का हिन्दी महोत्सव 2023

भगवान लक्ष्मी नारायण के दरबार में हुआ हिन्दी का पूजन

इंदौर। हिन्दी के प्रचार-प्रसार और विस्तार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा विगत चार वर्षों से सितम्बर माह को हिन्दी माह के रूप में मनाया जाता है। हिन्दी महोत्सव 2023 का शुभारंभ शहर के पंचमुखी हनुमान मंदिर, मालवा मिल व नीलकंठेश्वर महादेव, महु वाली चाल पर हिन्दीयोद्धाओं द्वारा माँ हिन्दी का पूजन कर किया गया।

इस अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रघुवंशी, संस्थान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नितेश गुप्ता, हिन्दी योद्धा मणिमाला शर्मा, जितेंद्र वामने, सुनील वामने सहित कई लोग मौजूद रहे। मंदिर में पूजन पण्डित प्रहलाद शर्मा जी ने करवाया


संस्थान द्वारा सितम्बर माह में प्रत्येक दिन देश के अलग-अलग स्थानों पर हिन्दी भाषा प्रचार संबंधित आयोजन कर हिन्दी भाषा के प्रति जनजागृति किया जाएगा। ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन दोनों ही तरीकों से विभिन्न आयोजन, प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इस महोत्सव में देश के प्रत्येक राज्यों को संस्थान द्वारा जोड़ा जा रहा है।

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Sat Sep 2 , 2023
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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।