मातृ दिवस- माँ

माँ!
तुम क्या हो?
मेरे ख़ून का एक कतरा
और उसकी जान हो।

असंख्य दैवीय स्थलों की
यात्रा के पश्चात् मिलनेवाला
सुभग मुक्तिफल हो।

जन्मोजनम के देह की यात्रा
के बाद मिलनेवाला
चिर सुकून हो
दुर्लभ तीर्थ हो।

माँ!
तुम मेरी पृथ्वी, स्वर्ग और
मेरा ब्रह्मांड हो।

माँ!
तुम केवल मेरी और मेरी ही
माँ हो।

#डॉ. हंसा सिद्धपुरा
जामनगर – गुजरात

जीवन झांकी

  • केन्द्रीय विद्यालय संगठन द्वारा श्रेष्ठ शिक्षिका इन्सेन्टिव अवॉर्ड * 2012 से सम्मानित निवृत्त प्रधानाध्यापिका
    *15वें विश्व पुस्तक मेले में सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. नामवर सिंह के द्वारा प्रथम काव्य संग्रह ’देवदूतों का बयान’ का विमोचन
  • हिन्दी की प्रमुख पत्रिका दैनिक जागरण की विशिष्ट आवृत्ति ‘पुनर्नवा’ में गुजरात की श्रेष्ठ कवयित्री के रूप में तीन कविताएँ प्रकाशित
  • मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ‘साक्षात्कार’ में डॉ. रामकुमार वर्मा जन्म शताब्दी के समारोह के अन्तर्गत लेख प्रकाशित
  • शीघ्र कविता संग्रह प्रकाशित

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मातृ दिवस - मेरी माँ

Sun May 28 , 2023
माँ के बिना लागे सूना–सूना। माँ की पुकार भर देती कोना–कोना। माँ है तो तू, सारा संसार लगे प्यारा–प्यारा। माँ ही सबके जीवन में भर देती उजियारा।। उंगली पकड़कर जब संभल कर चलना सिखाया। दृढ़ता से जीवन की परख को समझना सिखाया।। हम हैं तुम्हारे साथ, यूं ही आगे बढ़ते […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।