मातृभाषा डॉट कॉम पर गणतन्त्र दिवस विशेष कविता प्रतियोगिता

5 0
Read Time2 Minute, 1 Second

यदि आप कविता लिखते हैं तो मातृभाषा डॉट कॉम लाया है आपके लिए कविता लेखन प्रतियोगिता।
गणतंत्र दिवस विशेष कविता का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारत की गणतंत्रीय गरिमा, गणतन्त्र दिवस या इनसे जुड़े विषय पर अपनी कविता लिखकर भेज सकते हैं, जिसका प्रकाशन मातृभाषा डॉट कॉम पर होगा।
〰〰〰〰〰〰〰〰〰
प्रतियोगिता के नियम:-

  1. आपकी रचना देवनागरी लिपि में टंकित होनी चाहिए। यह प्रतियोगिता पूर्णतः निःशुल्क है।
  2. सभी प्रकार की पद्य सकारात्मक रचनायें मान्य हैं|
    विषय- गणतंत्र दिवस
  3. रचना में किसी भी प्रकार के अश्लील, असामाजिक व राष्ट्र विरोधी शब्द नहीं होने चाहिए और न ही इससे सन्दर्भित कोई रचना मान्य है।
  4. एक रचनाकार केवल एक ही रचना भेज सकता है।
  5. गणतंत्र दिवस पर प्रकाशित रचनाओं के 25 जनवरी तक अधिकतम व्यूज़ पर 26 जनवरी को विजेता का नाम घोषित किया जाएगा एवं उन्हें उपहार दिया जाएगा।
  6. चयन पैनल का निर्णय सर्वमान्य होगा।
  7. रचना के नीचे रचनाकार की सामान्य जानकारी, जैसे- नाम, पता, सम्पर्क सूत्र, ई-मेल आदि अवश्य लिखी होनी चाहिए एवं एक पासपोर्ट फ़ोटो ज़रूर संलग्न करें।
  8. प्रतियोगिता में शामिल होने व रचना भेजने की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2023 है, इसके बाद किसी भी रचनाकार की रचना स्वीकार नहीं की जाएगी।
  9. रचना, परिचय व फ़ोटो +919406653005 पर व्हाट्सएप्प करना है।
http://www.matrubhashaa.com

matruadmin

Next Post

सब साक्षी थे

Mon Jan 16 , 2023
नींद की छाँव में आकाश को बदलते देखा वह चाँद मेरे बागों में टहलते देखा। भौरें को कमल में बदले देखा नीले जल का आकाश देखा । बंद आँखों से जो देखा सपना वह हक़ीक़त नहीं, मंज़िल की तरफ जाने का एक यत्न देखा। पंछी के गीतों का गुंजन स्वर […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।