राजधानी दिल्ली में हिन्दी महोत्सव 2022 के शुभारम्भ में हिन्दी पूजन

0 0
Read Time3 Minute, 14 Second

हिन्दी प्रचार में नाट्यमंच और चलचित्र का योगदान महत्त्वपूर्ण- अर्श परमिंदर शाह

दिल्ली। हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान की दिल्ली इकाई द्वारा हिन्दी महोत्सव 2022 का शुभारंभ वजीरपुर कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में माँ हिन्दी का पूजन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वेब सीरीज अभिनेता अर्श परमिंदर शाह, विशेष अतिथि प्रणीता जी सहित मातृभाषा उन्नयन संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा, दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश चावला, सुरभि सप्रू मौजूद रहे।


सर्वप्रथम दीपप्रज्वलन उपरांत अतिथियों का स्वागत किया गया। भावना शर्मा ने संस्थान का परिचय देते हुए कहा कि ‘अलग-अलग रहन सहन, वेशभूषा एवं खानपान होने के बावजूद हिन्दी नि:संदेह रूप से देश को एक सूत्र में जोड़ने का काम करती है।’
मुख्य अतिथि वेब सिरीज़ चलचित्र अभिनेता अर्श परमिंदर शाह ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘हिन्दी भाषा की अभिवृद्धि में चलचित्र व नाट्य मंच का बड़ा योगदान रहा है, जिसके कारण ग़ैर हिन्दी भाषी क्षेत्रों में भी हिन्दी की उपयोगिता बढ़ी है। लेकिन हिन्दी भाषा में नित अंग्रेज़ी शब्दों के प्रयोग पर उन्होंने अपनी चिंता ज़ाहिर की।’


विशेष अतिथि व अरुनाभा वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक प्रणिता जी ने कहा कि ‘हिन्दी के विकास के लिए कार्यालय एवं शैक्षणिक संस्था में अधिक से अधिक हिन्दी का प्रयोग किया जाए। हिन्दी के विकास के लिए हर क्षेत्र के लोगों का सहयोग ज़रूरी है।’

आयोजन में मातृभाषा उन्नयन संस्थान दिल्ली इकाई के पदाधिकारियों सहित सुरभि सप्रू, विकास, रवि आदि उपस्थित रहे एवं आभार गिरीश चावला ने माना।
संस्थान द्वारा सितम्बर माह में प्रत्येक दिन देश के अलग-अलग स्थानों पर हिन्दी भाषा प्रचार संबंधित आयोजन कर हिन्दी भाषा के प्रति जनजागृति किया जाएगा। ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन दोनों ही तरीकों से विभिन्न आयोजन, प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इस महोत्सव में देश के प्रत्येक राज्यों को संस्थान द्वारा जोड़ा जा रहा है।

matruadmin

Next Post

शृंगार की प्रेरणा सौन्दर्य से- कल्पेश वाघ

Fri Sep 2 , 2022
● भावना शर्मा, दिल्ली पुस्तक ‘समय अभी तक वहीं खड़ा है…’ में धार्मिक, आध्यात्मिक, वैचारिक, प्रेम, इत्यादि अनेक विषय पर बात हुई है। जो कविताएँ तुकात्मक नहीं हैं, वो भी गेय हैं। इस मिज़ाज के कवि खाचरोद, उज्जैन निवासी कल्पेश वाघ का यह पहला काव्य संग्रह है। आज मातृभाषा.कॉम की […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।