प्रेमचंद जयंती पर कहानी संग्रह ‘मोहरबंद’ का विमोचन एवं चर्चा रविवार को

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आई टी इंजीनियर श्रुति पंवार का कहानी संग्रह है ‘मोहरबंद

इन्दौर । हिन्दी कहानी के सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जन्म जयंती के अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित ‘प्रेमचंद स्मृति प्रसंग’ में रविवार को युवा रचनाकार श्रुति अखिलेश पंवार के कहानी संग्रह ‘मोहरबंद’ का विमोचन एवं चर्चा का आयोजन स्थानीय राजेन्द्र माथुर सभागार, इन्दौर प्रेस क्लब में सायं. पांच बजे किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित महापौर पुष्यमित्र भार्गव व अध्यक्षता उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक जयंत भिसे करेंगे, साथ ही, विशेष अतिथि अपर परीक्षा नियंत्रक लोक सेवा आयोग शिवाले सोलंकी रहेंगी। पुस्तक संस्मय प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित हुई है।
पुस्तक चर्चाकार के रूप में रमेश चंद्र शर्मा एवं रश्मि चौधरी उपस्थित रहेंगे व कार्यक्रम का संचालन प्रीति दुबे करेंगी।

संस्थान की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं संस्मय की संस्थापक शिखा जैन ने बताया कि ‘मुंशी प्रेमचंद जी की स्मृति में कहानी संग्रह का विमोचन होना गौरवशाली है। पुस्तक चर्चा का उद्देश्य हिन्दी का प्रसार है, इस बहाने पाठकों तक नई पुस्तकों की जानकारी पहुँचती है।’

रचनाकार श्रुति अखिलेश पंवार ने कहा कि ‘उनकी पुस्तक में समाज की कुरीतियों को ध्यानाकर्षित करती कहानियाँ हैं। उन कुरीतियों को मोहरबंद करके समाज को प्रगतिशील होना चाहिए।’

आयोजन में शहर के नवनिर्वाचित महापौर का अभिनंदन किया जाएगा एवं पुस्तक विमोचन एवं चर्चा में शहर के सुधि साहित्यिकजनों सहित गणमान्य नागरिक सम्मिलित होंगे एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी होगा।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।