माँ ने मुझे सम्भाला है

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krishn

अपने मुँह का दिया निवाला है।
माँ ने ऐसे ही मुझको पाला है।।

जबसे रक्खा क़दम है धरती पर।
मेरी माँ ने मुझे सम्भाला है।।

जब मैं चलने लगा था थोड़ा-सा।
बाप ने गोद में उछाला है।।

मेरी माँ जब भी रोने लगती है।
प्यार से हर घड़ी सम्भाला है।।

माँ की ममता से कुछ नहीं बढ़कर।

‘राज़’ सबको बता ये डाला है।।

                                                                     #कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’

परिचय : मंच संचालन के शौकीन और माहिर कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’ ने एमए(राजनीति विज्ञान) और बीएसटीसी(जयपुर) की शिक्षा हासिल की है।२२ वर्ष के कृष्ण पिता कन्हैयालाल सैनी फूलों का व्यवसाय करते हैं। दौसा (जिला दौसा, राजस्थान) में रहने वाले कृष्ण की रुचि कविता,गजल,गीत,शायरी, मुक्तक,व्यंग्य लिखने में है।आपको भजन-कीर्तन सुनने का शौक है। इनकी साहित्यिक उपलब्धियों में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करने का और सम्मानित होने का सौभाग्य है तो ही, दौसा (राजस्थान) में हुए कवि सम्मेलन में भी काव्य पाठ कर लिया है। कई कवि सम्मेलन में काव्यपाठ एवं चंचरीक स्मृति सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।