‘प्रणय और प्रलय के उन्मुक्त गायक माखनलाल चतुर्वेदी’ का विमोचन सम्पन्न

0 0
Read Time1 Minute, 45 Second

इन्दौर। रविवार को प्रोफेसर अखिलेश राव की प्रथम कृति का लोकार्पण आनंद माथुर प्रेस क्लब में संस्था रंजन कलश एवं रुक्मणी देवी वेलफेयर सोसायटी के सम्मिलित तत्वाधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ विकास दवे ,निदेशक साहित्य अकादमी भोपाल ने की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रभु त्रिवेदी जी मौजूद थे विशेष अतिथि के रूप में डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ उपस्थित रहें। अतिथियों ने मुक्त कंठ से पुस्तक के विषय एवम विषय सामग्री की तारीफ की सभी ने सामूहिक रूप से इस बात को विशेष बताया कि हिंदी हमारी धरोहर कहलाने वाले स्तम्भ कवियों पर कुछ लिखना निश्चित ही युवा पीढ़ी को अच्छा संदेश देता है। कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकार सदाशिव कौतुक जी, कृष्णकुमार अष्ठाना जी हरेराम बाजपेई जी प्रदीप नवीन जी आदि उपस्थित रहे कार्यकम का सफल संचालन पंडित संतोष मिश्र ‘राज’ जी ने किया कार्यक्रम के अंत मे स्वर साम्रगी लता दीदी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और प्रो. अखिलेश राव ने सभी का आभार व्यक्त किया।

matruadmin

Next Post

आयोजन में मातृभाषा के कारण हुए अच्छे-बुरे अनुभवों को किया साझा

Fri Feb 25 , 2022
मातृभाषा दिवस पर आयोजित हुआ एक अनूठा कार्यक्रम, नागपुर । अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य पर कल 21 फरवरी को हिंदी की पाठशाला एवं इंडियन ट्रांस्लेटर्स ग्रुप की संस्थापक एकं निदेशक लतिका चावड़ा द्वारा एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहाँ देश भर के संस्थानों में मातृभाषा पर कविता […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।