दिवाना

रात-भर याद का सताया हुआ दिवाना
सुबह बिछोने पर जिंदा पाया गया दिवाना
सुन्दर चेहरे के निचे आग भरा दिल होगा
जान कर हैरान में दिवाना मुश्किल में परवाना
मुद्दत तलक इश्क फिर ऐब गिना कर चल दिये
मुश्किलें और बढ़ीं मयकदे यारो के मशवरे जा रहा दिवाना
गम कम न हुआ मयकदे के मयकदे पी डाले
हताशा में फांसी का फंदा तलाश लाया ‌दिवाना
नशा मोहब्बत का उतरा होश मैं आया दिवाना
समय के पास हर ज़ख्म की दवा होश ने सलाह दे डाली
फांसी का फंदा फैक आया यकबयक
मस्ताना
तेरी बेवफ़ाई हमें मंजूर गोरी बस तू खूश रहना मेहबूबा
फ़ाड़ दू उसकी तस्वीर कैसे दिवाना मै उसका दिवाना
दिवाना में उसका दिवाना दिवाना हां दिवाना

अलका जैन इंदौर
बीएस सी
दूरदर्शन और आकाशवाणी में कविता पाठ गोल्डन बुक ओफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर
महिला कोमेडियन भी
विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित
देश के विभिन्न शहरों में कविता पाठ
नेट पर ३०० विडियो उपलब्ध

matruadmin

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इन तन्हाइयों में तुम्हारी याद आयेगी

Thu Jul 1 , 2021
इन तन्हाइयों मे,तुम्हारी याद आयेगी। किए थे जो वादे,उनकी याद सतायेगी ।। चांदनी रात में,जब चांद चमकेगा, देखकर उसको मेरा दिल धड़केगा। कैसे इस दिल को मै समझाऊंगी, तुम्हारे बिन तो मुझे नींद न आयेगी। इन तन्हाइयों में,तुम्हारी याद आयेगी।। अंधेरी रात में,जब कोई जुगनू चमकेगा, उसको देखकर मेरा मन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।