धन्य-धन्य भारत की सेना,
भारत के हर वीर जवान।
दस बंकर को नष्ट किए हैं,
नानी याद करे शैतान।
अमन चैन की बात न समझे,
हत्या बस जिनका है काम।
वो क्या समझे मानवता को,
मजहब को करते बदनाम।
नज़र उठाए जो भारत पे,
उसको झट फोड़ो अब आँख।
आतंकी शिविरों को मिटाओ,
फैला सके न अपनी पाँख।
(विधा-वीर/अल्हा छंद)
——-#बिनोद कुमार ‘हंसोड़ा’
परिचय : बिनोद कुमार ‘हंसौड़ा’ का जन्म १९६९ का है। आप दरभंगा (बिहार)में प्रधान शिक्षक हैं। शैक्षिक योग्यता दोहरा एमए(इतिहास एवं शिक्षा)सहित बीटी,बीएड और प्रभाकर (संगीत)है। आपके नाम-बंटवारा (नाटक),तिरंगा झुकने नहीं देंगे, व्यवहार चालीसा और मेरी सांसें तेरा जीवन आदि पुस्तकें हैं। आपको राष्ट्रभाषा गौरव(मानद उपाधि, इलाहाबाद)सहित महाकवि विद्यापति साहित्य शिखर सम्मान (मानद उपाधि) और बेहतरीन शिक्षक हेतु स्वर्ण पदक सम्मान भी मिला है। साथ ही अनेक मंचो से भी सम्मानित हो चुके हैं
Mon May 29 , 2017
नज़र मिलते ही मेरे दिल को फौरन कर गया घायल, तुम्हारी आँख का काजल,तुम्हारी आँख का काजल। तुम्हारी हिरनी जैसी चाल पर संसार मरता है, तुम्हें जो देख लेता है वही हो जाता है पागल। तुम्हारी ज़ुल्फ बिखरे तो मुझे महसूस होता है, उमड़ आया हो जैसे स्याह-सा बरसात में […]