
लोग भी कैसा सवाल करने लगे
बात ही बात में बवाल करने लगे
बन गया है दहशत का माहौल
शरीफों का बुरा हाल करने लगे
चिट फंड कंपनी चोरों का जमघट
आम आदमी को कंगाल करने लगे
अपनो को ला न दे सड़कों पर कहीं
काम कुछ ऐसा दलाल करने लगे
ताक पर रखे गए देखो मुर्गे यहाँ
वक्त मिलते ही हलाल करने लगे
-किशोर छिपेश्वर”सागर”
भटेरा चौकी बालाघाट

