
अहिंसा पर हिंसा भारी है
कैसी हो गई यह लाचारी है
परलोक में बापू आहत है
गांधीवाद पर वज्रपात है
जय जवान जय किसान का
उदघोष चकनाचूर हो गया है
शास्त्री का नारा भी कही खो गया है
हालात के मारे किसान सड़क पर है
हक पाने को बेचारे संघर्षरत है
लगता है सरकार बहरी हो गई है
उसे वोट की बीमारी हो गई है
जल,जंगल,जमीन पर हक के लिए
अपनी ही सरकार से टकरा रहे है
कभी धक्के कभी लाठियां खा रहे है।
#श्री गोपाल नारसन

