शैलेंद्र

0 0
Read Time33 Second

तीस अगस्त सन 32 में
रावलपिंडी में जन्म लिया
शिव स्वरूप शंकर सिंह ने
शैलेंद्र नाम को अमर किया
एक हजार फ़िल्म गीत रचे
दो सौ फ़िल्मो में खूब सजे
अध्यात्म पर कलम चलाई
संघर्षो में भी वे खूब तपे
जोर ज़ुल्म की टक्कर पर
संघर्ष ही उनका नारा था
झूठ से बड़ी नफरत करते
खुदा उन्हें बहुत प्यारा था।
#श्रीगोपाल नारसन

matruadmin

Next Post

डॉ मसानिया कृत एल्बम का लोकार्पण 4 सितंबर को

Sun Aug 30 , 2020
शिक्षा के क्षेत्र में सभी विषयों पर लगातार कार्यरत गायन शोध नवाचार के माध्यम से डॉ दशरथ मसानिया देशभर में पहचाने जाते हैं। जिसे ऑडियो, वीडियो, यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप,पुस्तकें, गूगल आदि पर देख सकते है। दूर दूर संस्थाओं में भी जाकर निर्देशन फोटो कॉपी, फोल्डर, पुस्तकें, शैक्षणिक सामग्री, टी एल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।