ईसाई मिशनरी व वामपंथी गतिविधियाँ हैं पालघर जैसी घटनाओं की जननी: विहिप

पंजाब के हमलावरों की भी अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं : मिलिंद परांडे

    नई दिल्ली। 
पालघर के बाद अब पंजाब में भी एक संत दण्डी स्वामी पूज्य श्री पुष्पेन्द्र जी महाराज पर हुए जानलेवा हमले पर क्षोभ व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय महामंत्री श्री मिलिन्द परांडे  ने कहा है कि ईसाई मिशनरीयाँ व वामपंथी गतिविधियाँ ही भारत में पालघर जैसी घटनाओं की जननी हैं. भारत एक धर्म प्राण देश है. किन्तु फिर भी इन दोनों के सतत् वैचारिक व शारीरिक हमलों के कारण आज सम्पूर्ण भारत आहत है. पालघर के मुख्य आरोपियों के बाद अब पंजाब सरकार द्वारा भी हमलावरों की अभी तक गिरफ्तारी ना किया जाना बेहद चिंतनीय है।

    उन्होंने कहा कि संपूर्ण प्राणी मात्र में दया भाव रखने वाले संतो पर बढ़ रहे जानलेवा हमले हिंदू समाज के लिए  बहुत ही चिंता का विषय हैं। ध्यान में आया है कि देश के जिन क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियां तीव्र हैं और उन्हें वामपंथियों का प्रचार व सहयोग प्राप्त है वहां, पूज्य संतों व् हिन्दू मानविन्दुओं को  अधिक निशाना बनाया जा रहा है।

    विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब के होशियारपुर में हुए जानलेवा हमले की विश्व हिंदू परिषद घोर निंदा करते हुए मांग करता है कि राज्य सरकार दोषियों को अबिलम्ब गिरफ्तार कर कठोरतम दण्ड सुनिश्चित करे।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।