डॉ.अब्दुल कलाम जयंती विश्व विद्यार्थी दिवस के रुप में मनाकर , विश्व धुलाई दिवस मनाया

कविता के माध्यम से बच्चों ने बताएं हाथ धोने के तरीके*


नागदा (धार)शासकीय नवीन प्रावि नयापुरा माकनी में विश्व हाथ धुलाई दिवस एवं पूर्व राष्ट्रपति ,भारत रत्न डॉ. ऐपीजे अब्दुल कलाम की जयंती को विश्व विद्यार्थी दिवस के रुप में मनाया गया। शिक्षक गोपाल कौशल द्वारा लिखित कविता हाथ धोने का तरीका के माध्यम गतिविधि द्वारा बच्चों ने हैड वॉश के सातों चरणों का प्रयोग करके हाथ धोये। वही पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ऐपीजे अब्दुल कलाम की जयंती विश्व विद्यार्थी दिवस के रुप में बाल केबिनेट के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन ,श्रध्दासुमन अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की ।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक गोपाल कौशल ने डॉ.कलाम के प्रेरक प्रसंग सुनाएं और जीवन में गुरु के महत्त्व को समझाया । शिक्षिका हीरा सोलंकी ने कहा कि भोजन करने से पहले तथा भोजन के बाद हाथ अवश्य धोने चाहिए । बिना हाथ धोये भोजन करने से कई बीमारियां होती हैं। जब बीमारियों से बचोगें तभी सही से पढ़ाई कर पाओगें। छात्रा माही वर्मा ने हाथ धोने के पहाडे से साफ हाथ ,बीमारियां साफ का महत्व समझाया । छात्र फैजान शाह ने डॉ. कलाम पर प्यारे ..प्यारे चाचा कलाम ,तुम्हें हजारो सलाम …….कविता सुनाई ।
संचालन बाल केबिनेट शिक्षामंत्री अंजली परमार ने किया । आभार रोशन राठौड़ ने माना ।

matruadmin

Next Post

करवांचौथ पर बीबी की फरमाईशे

Wed Oct 16 , 2019
रखती हूँ व्रत बस तुम्हारी ही ज्यादा उम्र के लिये बस करवांचौथ पर इतनी फरमाईश पूरी कर दीजिये हो गई साड़िया बहुत पुरानी फैशन भी बदल चूका बस एक साडी नये फैशन सुंदर सी दिला दीजिये हो गया सोने का सेट पुराना ऐसा पहनता कोई नहीं बस एक हीरो का […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।