गंवइहा साहित्य समिति तमनार का हिन्दी दिवस पर काव्यपाठ


प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ हिन्दी सेवी सम्मान-2019 से विभूषित
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रायगढ़ :-

साहित्य व संस्कृति की धनी नगरी जिला रायगढ़ के अन्तर्गत आने वाला औद्योगिक विकास खण्ड व तहसील – तमनार के बरभांठा चौक में , “गंवइहा साहित्य समिति” के बैनर तले 14 सितम्बर को “हिन्दी दिवस” के शुभ उपलक्ष्य में काव्यपाठ व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।
आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मधुर गजलकार सुकदेव पटनायक ‘सदा’ जी , कार्यक्रम अध्यक्ष साहित्य व समाजसेवी रूपचन्द्र गुप्ता जी थे ।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में साहित्य जननी माँ सरस्वती व गणपति जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप – धुप प्रज्वलित करके विचार गोष्ठी व काव्यपाठ का विधिवत शुभारंभ किया गया ।
विचार गोष्ठी के तहत हिन्दी दिवस के ऊपर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि सुकदेव पटनायक जी ने कहा – “हिन्दी राष्ट्रभाषा के रूप में विधेयक के तहत भले ही पारित न हुआ हो , परन्तु हम सभी भारतीय के हृदय में हिन्दी राष्ट्रभाषा ही है । क्योंकि , जनता सर्वोच्च है ।”
साहित्य समिति के अध्यक्ष व प्राचार्य प्रफ्फूल पटनायक जी ने कहा – “हिन्दी को राजभाषा के रूप में पारित किया गया है । यदि हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनानी है तो , मिलकर पहल करनी चाहिए । उक्त कार्य राजनेताओं के मदद बिना पूरा नहीं हो सकता ।”
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हरिहर प्रसाद पटेल जी ने कहा – ” हिन्दी हमारी मातृभाषा है । इस पर हर भारतीय को गर्व करने की आवश्यकता है। हिन्दी दिवस महज भाषा का नहीं वरन् एक जीवंत सार्थक संस्कृति का दिवस है । ”
समिति के सचिव व बालकवि प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ ने हिन्दी पर केन्द्रित विषय के तहत कहा कि , – “आज के दौर में लोग अंग्रेजी , उर्दू के शब्दों को ज्यादा उपयोग में ला रहे है । यदि हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनानी है तो , हिन्दी के उपयोगिता को भी हमें ध्यान में रखनी है । हम सबको हिन्दी में हस्ताक्षर अभियान को भी बलवती बनाने की महती आवश्यकता है ।”
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में काव्यपाठ के तहत क्रमशः कवि कन्हैया पड़िहारी , तेजराम चौहान , गजलकार जयशंकर प्रसाद डनसेना , प्रताप नारायण बेहरा , मधुर गजल गायक सुकदेव पटनायक , जनकवि प्रफ्फूल पटनायक व बालकवि प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ ने अपनी – अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किये और खूब वाहवाही लुटे तथा तालियाँ बटोरे ।
कार्यक्रम के अंत में गारे ताप उपक्रम प्रोड्यूसर कंपनी के संयोजक , क्षेत्र बचाव के आन्दोलनकारी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हरिहर प्रसाद पटेल जी ने साहित्य साधक प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ को सम्मान पत्र व श्रीफल भेंटकर “हिन्दी सेवी सम्मान – 2019” से विभूषित किया।
सुन्दर मंच संचालन बालकवि प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ ने किया ।
उपरोक्त साहित्यिक कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चित है ।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।