कृष्ण कन्हैया आएगा

उसकी महिमा वही जाने
सदा ही मुस्कुराएगा
मोहनी सूरत वाला सबको मोहने
पुनः धरती पर आएगा।

आकर धरती पर सबसे पहले
फैला आतंक मिटाएगा
दुष्ट भ्रप्ट्राचारी और अबला का
फिर कवच बन जाएगा
मोहनी सूरत वाला सबको मोहने
पुनः धरती पर आएगा।

जब जब धरती पर पाप बढ़ा
वो धरती पर आया है
पापीयों का नाश कर
धरती को फिर वही सजायेगा
मोहनी सूरत वाला सबको मोहने
पुनः धरती पर आएगा।

धोर तंत्र और जुल्म सितम
रोज पहुच रहे चरम
छोटी बच्चियों पर जुल्म
मिटाने अवश्य वो आएगा
मोहनी सूरत वाला सबको मोहने
पुनः धरती पर आएगा।

स्कूल कालेज हर जगह
पांव फैलाते भूख
नफरतो के बाजार में
सबके बटुए भरने की भूख
धांधली मिटाने वो आएगा
मोहनी सूरत वाला सबको मोहने
पुनः धरती पर आएगा।

“आशुतोष”

नाम।                   –  आशुतोष कुमार
साहित्यक उपनाम –  आशुतोष
जन्मतिथि             –  30/101973
वर्तमान पता          – 113/77बी  
                              शास्त्रीनगर 
                              पटना  23 बिहार                  
कार्यक्षेत्र               –  जाॅब
शिक्षा                   –  ऑनर्स अर्थशास्त्र
मोबाइलव्हाट्स एप – 9852842667
प्रकाशन                 – नगण्य
सम्मान।                – नगण्य
अन्य उलब्धि          – कभ्प्यूटर आपरेटर
                                टीवी टेक्नीशियन
लेखन का उद्द्श्य   – सामाजिक जागृति

matruadmin

Next Post

कान्हा

Sat Aug 24 , 2019
कान्हा के आने की आहट होने लगी भादो की अष्टमी जो पास आने लगी मंदिरों को तेजी से सजाया जा रहा है पालने में झूलने को लड्डू गोपाल आ रहा है घर घर मे मिठाईयां दूध और मलाइयाँ उपवास की तैयारियां कान्हा जन्म की झांकियां बनाई जाने लगी हर शहर,गांव,बस्ती […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।