देश के जाबाज़ सैनिकों तुम पर हमें अभिमान है।
देश के वास्ते शहीद हुए बहादुर देश के वीर जवान है।
अमर शहीदों की कुर्बानी, याद सदैव हमें आते रहेंगे,
सूरज चाँद सितारें की तरह गगन में सदा चमकते रहेंगे।
नमन माता-पिता को जिन्होंने वीर पुत्र को जन्म दिया,
सीने पर पत्थर रखकर बोर्डर पर लड़ने भेज दिया।
देश का सिर नही झुकने देंगे ऐसी हिम्मत रखने वाले,
शत-शत नमन सैनिकों को वतन की रक्षा करने वाले।
पाक के नापाक इरादे हुए नही करने दी उनको मनमानी,
तूफानों की तरह लड़ते रहे वीरों ने हार कभी नही मानी।
कारगिल युध्द में विजय प्राप्त कर विजय पताका फहराया,
तिरंगा झंडा फहराकर शौर्य-वीरता का परचम लहराया।
लहू से लथपथ होकर भी अंतिम सांस तक खेली होली,
लिपट तिरंगा से वीरों की, निकली थी अंतिम डोली।
सरहद के उस पर जवान हमारी भारत भूमि की शान है,
शहादत पे जान गंवाने वाले देश को तुमपर अभिमान है।
#सुमन अग्रवाल “सागरिका”
आगरा(उत्तरप्रदेश)
नाम :- सुमन अग्रवाल
पिता का नाम :- श्री रामजी लाल सिंघल
माता का नाम :- श्रीमती उर्मिला देवी
शिक्षा :-बी. ए.
व्यवसाय :- हाउस वाइफ
प्रकाशित रचनाएँ :-
प्रकाशित रचनाओं का विवरण :-
1.अग्रवंश दर्पण :-“नारी सुरक्षा चूंक कहाँ “, “महिला सशक्तिकरण “, “500-1000 के नोट बाय-बाय”, “दहेज प्रथा”, “अग्रप्रर्वतक महाराज अग्रसेन जी पर कविता” इत्यादि।
2.हिचकी :- “ये होली का त्यौहार”
3.D.L.A :- “आतंकवाद”, “बालदिवस”, “करवा चौथ”, आतंक का साया, “नववर्ष मुबारक”, “राष्ट्रप्रेमी” इत्यादि।
4.नारी शक्ति सागर :- “ग़ज़ल”
5. वर्तमान अंकुर नोएडा :- “घर-परिवार, नारी शक्ति, भारतीय लोकतंत्र
साहित्य एक्सप्रेस में – नव संवत्सर
6.सहित्यापीडिया :- माँ