निराकार दुश्मन

1

surendr sinh
आओ साथी सबको बचाएं निराकार इस दुश्मन से,
जो वर्षों से खेल रहा है अनमोलों के जीवन से।

भूल हुई तो भूलो उसको, करो न आगे ऐसी गलती,
जिसके करने से रुक जाए स्वर्ण पथ पर गाड़ी चलती।

यह कुगति सारथी कुल विनाशक असाध्य रोग है,
जिसे देता जन्म असुरक्षित यौन संभोग है।

एचआईवी/एड्स बना हुआ है विश्व में घातक,
मात-पिता की गलती से निर्दोष शिशु को लगता पातक।

इस शत्रु की जंगी सेना घूम रही लिए हाथ में झंडा,
हम अपनी गलती से दे देते हैं एक और अंडा।

रखो संयम करो वफादारी अपने जीवन साथी से,
उस दीपक की लौ को मिटा दो,जो जुड़ी हई एड्स बाती से।

संकल्प हमारा करें न गलती, स्वर्णिम हो जीवन के सपने,
एचआईवी से मुक्त रहें,खुशहाल रखें हम जीवन अपने।

परिचय : सुरेन्द्र सिंह राजावत राजस्थान के बयाना में रहते हैं। आप भारतीय सेना में कार्यरत हैं। आपको लिखने का शौक है तथा देशभक्ति पर अधिक कलम चलाते हैं,ताकि सबको देशप्रेम की प्रेरणा मिलती रहे।

matruadmin

One thought on “निराकार दुश्मन

Comments are closed.

Next Post

बंदूकों की नालों से...

Sat Apr 8 , 2017
कब तक यूँ श्वेत कपोतों की बिरियानी उन्हें खिलाओगे, कब तक घाटी के असुरों को वीरों का रक्त पिलाओगे। कब तक नापाक पड़ोसी की साजिश में फ़ंसते जाओगे, कब तक समझौतों को कर शहादतों पर हँसते जाओगे। अलगाववाद,आतंकवाद को अलग-अलग मत तौलो जी, वो भी तो आतंकी हैं अब छाती […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।