ख़्वाब से हक़ीकत तक

neelu thapa
जब भी देखूँ  कोई नज़ारा
जुगनू दिल का हवा में उड़ता है
फिर खुद की भी नही सुनता है
जगमग रैन वो  करता है
ख़्वाव कितने बुनता है
कभी बन कर  सितारा
फ़लक पर घर बनाता है
चुराकर रंग फ़ज़ा के
ज़िन्दगी में भर जाता है
ख़्वावों से निकल कर
फिर  हक़ीकत ऐसी बुनता है
रू-ब- रू तुम से होने की
पुरज़ोर कोशिश करता है
तबस्सुम तुम्हारे  लवों की
दिल की डाली  महकाती है
मिलने की आस में
फूल फिर  खिलते हैं
खुशबू से तन – मन को महकाते है
फिर सेहरा में जैसे बारिश होती है
कानों  में तराने नए गूँजते हैं
ऐसे में क्यों नही
कुछ पल हक़ीकत से दूर
ख़्वाबों की दुनिया में चलते  हैं
बेरुख़ी से दूर मुहब्बत के पल बुनते हैं ।।
#नीलू थापा
परिचय-
नाम-नीलम देवी
साहित्यिक उपनाम- नीलू थापा
वर्तमान पता-  Rehmati ऊधमपुर near convent हाई स्कूल ।
राज्य- जम्मू कश्मीर
शहर- उधमपुर
शिक्षा- post graduate
कार्यक्षेत्र-  शिक्षा विभाग
विधा – छंद मुक्त
लेखन का उद्देश्य- समाज को बुनियादी कुरीतियों से से दूर करना ।
 
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