सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए रोचक नवाचार आवश्यक है :- जेडी श्री वर्मा “

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जॉयफुल लर्निंग, अभिभावक 
सम्मेलन व नवप्रवेशी बच्चों स्वागत कर किया नवीन शिक्षण सत्र का आगाज़ ।
नागदा ( धार ) |
सोमवार  1अप्रैल शासकीय नवीन प्रावि नयापुरा माकनी में इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक (जेडी ) श्री मनीष वर्मा के मुख्य आतिथ्य मे नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण ,दीपप्रज्जवलन कर किया गया,  तिलक लगाकर ,मुकुट पहनाकर पुष्पाहार से नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत श्री वर्मा ने किया ।  बाल केबिनेट ने अपने हाथों से बनाएं  गुलदस्ते व  स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया ।
इस अवसर पर आयोजित अभिभावक सम्मेलन में पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि  ‘ शिक्षा ही सही रास्ता दिखाती हैं , बुद्धि के विकास के लिए विवेक जागरण  होना बेहद जरूरी है और वह सब शिक्षा से संभव होता । सरकारी विद्यालयों को बेहतर बनाने शिक्षक,बालक,पालक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, शिक्षक गोपाल कौशल के नवाचारों की सराहना करतें हुए कहा कि इस विद्यालय की नवाचारी गतिविधियां अनुकरणीय है । आज सरकारी स्कूलों  बेहतर   बनाने के लिए शिक्षक को ,ऊर्जा शील चेतन होकर रोचक गतिविधियों, नवाचारों से बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न कर उनकी गुणवत्ता को निखारना होगा तभी हम बेहतर कल,बेहतर राष्ट्र के सपने साकार कर सकते हैं । जॉयफुल लर्निंग यानि आनंदमय शिक्षा का आगाज़ इन्हीं बातों को दृष्टिगत रखतें हुए किया गया है कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बना रहें और गुणवत्ता में वृद्धि हो । श्री वर्मा ने नयापुरा माकनी के सभी कक्षों, टीएलएम, पुस्तकालय, नवाचारी दक्षता उन्नयन चार्ट का अवलोकन भी किया और पालकों से पढ़ाई के प्रति प्रश्न भी पूछें ,जिसके पालकों ने बखूबी जवाब दिए जिसे सुनकर जेडी श्री वर्मा ने प्रसन्नता व्यक की । आयोजन में सर्वोच्च अंक प्राप्त बच्चों को भी शील्ड, कापी, पेन से सम्मानित किया ।
शेल्फी पाईंट को भी सराहा । विशेष बालसभा में बच्चों ने खूब आनंद लेते हुए ‘” क्या है लंबा क्या है गोल एवं चित्र देखों कहानी बोलों ” गतिविधि में उत्साह से भाग लिया ।
आयोजन में संतोष राठौड़, किशोरीलाल राठौड़, सुमन भीलवाड़ा, विद्या राठौड़, कलावती कायत ,दुर्गा ,कविता, वंदना बोडाना, निर्भय सिंह ,दीपक नट सहित बडी संख्या मे पालकगण उपस्थित थे ।
कार्यक्रम का संचालन गोपाल कौशल ने किया ,आभार शिक्षिका मनीषा चौहान ने माना ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।