अर्जी

sadhana chirolya
आज फिर अर्जी लगी,
कान्हा तेरे दरबार में।
नीच कर्मों से भी देखो,
नहीं है डरता आदमी,
पाप की गठरी है लादे,
हर कोई फिरता यहीं,
माँ-बहिन की आबरू फिर,
लुट रही बाजार में।।।
आज फिर—-
सजता है बाजार देखो,
स्वार्थ और फरेब का,
लोक और परलोक की,
चिंता किसी को है कहाँ,
बेचकर ईमान अपना,
घूमते बाजार में।।।
आज फिर———-
आदमी ही आदमी को,
रोज ही डँसते यहाँ,
भेड़िये की खाल ओढ़े,
हर कोई दिखता यहाँ,
बाजियाँ शतरंज की तो,
बिछतीं हैं बाजार में।।।।
आज फिर अर्जी लगी,
कान्हा तेरे दरबार में।।।

#श्रीमती साधना छिरोल्या

 दमोह (म.प्र.)

सम्मान- भाषण,नाटक,वाद विवाद,श्लोक,सुलेख,लोकगीत आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरुस्कार।

गहोई समाज एवं हितकारिणी स्कूल जबलपुर द्वारा हिंदी काव्य लेखन के लिये सम्मानित।
 प्रकाशन-गहोई सूर्य अख़बार जबलपुर
गहोई संस्कार पत्रिका जबलपुर(म.प्र.)
गहोई बंधु 
ग्वालियर(म.प्र.)
लोकजंग
लगातार प्रकाशित हो रहीं हैं।

matruadmin

Next Post

मेरे साथ 

Thu Dec 13 , 2018
जब योवन पर आती नदियाँ मछलियाँ तब नदी के प्रवाह के विपरीत प्रवाह पर तेरती छोटी -छोटी धाराओं पर चढ़ जाती सीधे * नदियाँ मिलना चाहती समुद्र से मछलियाँ देखना चाहती नदियों का उद्गम * सागर से मिलती जब नदियाँ लाती साथ में कूड़ा करकट सागर को बताने ऐसे हो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।