मां दुर्गा …..

tarkesh ojha
tarkesh ojha

मां दुर्गा से है बस चाह इतनी  …!!
तारकेश कुमार ओझा
ढाक भी वही सौगात भी वही
पर वो बात कहां जो बचपन में थी
ठेले भी वही , मेले भी वही
मगर वो बात कहां जो बचपन में थी
ऊंचे से और ऊंचे तो
भव्य से और भव्य होते गए
मां दुर्गा के पूजा पंडाल
लेकिन परिक्रमा में वो बात कहां जो बचपन में थी
हर कदम पर सजा है बाजार
मगर वो रौनक कहां जो बचपन में थी।
नए कपड़े तो हैं अब भी मगर
पहनने को वो सुख  कहां
जो बचपन में थी
भरी जेब के साथ पंडालों में घूमा बहुत
लेकिन वो खुशी मिली नहीं
जो खाली जेब में भी बचपन में थी
समय के साथ बदल गया बहुत कुछ
न बदला तो मां दुर्गा का ममतामय रूप
माता भवानी से है बस चाह इतनी
बुलंद रहे भारत
खिलखिलाता रहे खड़गपुर …

#तारकेश कुमार ओझा

लेखक पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं और वरिष्ठ पत्रकार हैं | तारकेश कुमार ओझा का निवास  भगवानपुर(खड़गपुर,जिला पश्चिम मेदिनीपुर) में है |

matruadmin

Next Post

आदिशक्ति मात भवानी

Fri Oct 12 , 2018
आदिशक्ति हे मात भवानी जग जननी हे जग कल्याणी अवगुन मेरे  तुम दूर करो माँ पावन निर्मल ये मन कर दो। दुखों का सहरा हुआ ये जीवन कृपा को तरसे इसका कण-कण ऐसी कर दो प्रेम की बरखा सहरा को  तुम मधुवन कर दो। श्रद्धा से करूं भक्ति तुम्हारी विनती […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।