कोहरा

satyaprasann

कोहरा, वैसे ही नहीं

छा जाता

जैसे, छा जाता है रोज

उजियारा और अँधेरा

अपने निश्चित समय पर

 

निसर्ग के उच्छ्वासों का

वाष्पित उद्बोधन है

कोहरा

जिसकी सीली- सीली छुवन से

पसीज उठती है

धरती की हरीतिमा,

सो जाती है धूल

सड़कों की

और विलंबित हो जाती है

वक्त की रफ्तार

 

दायरों से परे होती

उसकी स्फीति में

रास्ते सहज ही गुम हो जाते हैं

और गुम हो जाते हैं

पेड़, मकान, लोग

ठीक वैसे ही

जैसे गुम हो जाता है

हमारा होना

मौन के कोहरे से भरे

कोने वाले कमरे से।

#“सत्यप्रसन्न”

परिचय-

नाम-         सत्यप्रसन्न

जनक-      स्व. प्रभाकर राव

जननी-      स्व. पद्मावती

मातृभाषा-   तेलगु

शिक्षा-       यांत्रिकी में पत्रोपाधि

सेवा क्षेत्र-   छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी मर्यादित

संप्रति-      उपरोक्त संस्थान से अधीक्षण अभियंता के पद से सेवानिवृत्ति के पश्चात स्वाध्याय, और लेखन। सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता।

अन्य- यदाकदा आकाशवाणी से रचनाओं का प्रसारण। एकाधिक बार स्थानीय दूरदर्शन से भी। कुछ एक साझा संकलनों में कविताएं प्रकाशित। पत्र-पत्रिकाओं की भी कभी-कभी कृपा हो जाती है ।

 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।