अधरों पर उमंग लिए..

dhirendra

अधरों पर अपने उमंग लिए,
बदन मरीन उमड़ता तरंग लिए..
नयनों की पिचकारी लिए टोली,
गोपियों की कृष्ण संग होली।

भावनाओं के रंग हैं बड़े निराले,
कान्हा भंगिमाएं लिए हैं मतवाले..
संकेतों की अभिव्यक्तियाँ अबोली,
भींग गई राधा संग सखी अलबेली।

नयनों की रंग धार खुमार लिए तेज,
कपोलों के गुलाल,सभी रंग लगे निस्तेज..
बांहों की अबीर करे अब अजब ठिठोली,
कदम भागे दौड़े,फिर साथ वही हो ली।

चपल,चतुर,चहुरंगी प्रीत चरमराई,
खिले महके अंग दे रहे हैं प्रीत बधाई..
प्यार है,सम्मान है,अभिमानी ऋतु निम्बोली,
रंगों से साज दिया,प्रिये शुभ होली।

                                                                                  #धीरेन्द्र सिंह

परिचय : धीरेन्द्र सिंह का मुंबई महानगर में रहते हुए हिन्दी के प्रति विद्यालय स्तर से ही आकर्षण बढ़ता-गहराता गया। यही वजह है कि,हिन्दी साहित्य ने आपको एक सोच ही नहीं दी,वरन व्यक्तित्व को एक आधार प्रदान किया है।इनके अनुसार अध्यापन करते-करते बैंकिंग में राजभाषा अधिकारी बन जाना आज तक आश्चर्यजनक परिर्वतन है। नौकरी के दौरान अनेक स्थानान्तरण ने देश में हिन्दी के विविध रूपों को समझने दियाहै तो राजभाषा हिन्दी के प्रति अपना योगदान देना अब इनकी आदत हो गई है। आपकी यही इच्छा है कि हिन्दी साहित्य की चलनी से राजभाषा रूपी चाँद को सँवरते हुए देखते रहें।

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।