इस जग में है बहु विज्ञाना,
भौतिक रस अरुजीव समाना।
भौतिक बाहर अंत रसायन,
प्राणी पौधे जीवा आयन।
चुम्बक विद्युत ध्वनि प्रकाशा,
धरती तारे भौतिक खासा।
जल जीवन है जल है आशा,
जल संरक्षण जल विश्वासा।
जल को रोके करें सिंचाई,
जल से बिजली मिलती भाई।
जल से करते साफ-सफाई,
जल से मछली पलती आई।
निर्मल पानी प्यास बुझाओ,
नदी-सरोवर साफ कराओ।
जल ही चम्बल जल ही रेवा,
जल ही गंगा जल से सेवा।
गरमी आई सूखे सरवर,
पंछी प्राणी देश धरोहर।


