प्रेम में मिला आँसू

sunita mishra

   ह्रदय के भीतर से ही चला आँसू
धीरे से  आंख में आ गला आँसू

   प्रीत छिपती कहाँ है छिपाने से
प्रेम की प्राणवायु ले पला आँसू

   किसी ने लिया समेट मोती जैसे
किसी को शूल सम खला आँसू

किसी मासूम की आँखों मेंआकर
बन हीजाया करता जलजलाआँसू

देखते ही करता है जग बदनाम
है छिपा रखने में ही भला आँसू

कभीखुशी कभीगम में मिलाआँसू
विदाई के उपहार में खिला आँसू

  उसका है आत्मीय मित्र ‘सुनीत’
जिसको भी प्रेम में मिला आँसू।

  सुनीता मिश्रा ‘सुनीत’

परिचय
सुनीता मिश्रा’सुनीत’ शिक्षक
जीवन साथी-नरोत्तम मिश्रा
शिक्षा-एम.ए.हिन्दी साहित्य
सम्प्रति-शिक्षिका शासकीय माध्यमिक शाला पोलीपाथर रामपुर जबलपुर
विधा-कविता, गीत, गज़ल, लघुकथा,भजन, कहानी,लेख आदि
सम्पर्क सूत्र-848नरसिंह वार्ड जबलपुर( म. प्र.) फोन -0761-2421424मो.9479843702 
प्रकाशित कृतियां-“सुहागलों की कथा,” ” मेरी ओर निहारो प्रभु “भाग -एक,दो,तीन भजन संकलन।
“करना है उपकार हमें”
“बलिदान न भुलाएं हम”
“घायल है पर्यावरण”(काव्य संग्रह)
आकाश वाणी से रचनाओं का प्रसारण।
अनेक सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्थाओं से 25से
अधिक प्रशस्ति पत्र। वर्तमान में 
5सितम्बर 2017 राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान भोपाल (मुख्यमंत्री
माननीयब शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा।
     ध्येय वाक्य-‘मेहनत इतनी 
     खामोशी से करो कि
       सफलता शोर मचा दे।’

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।