मैना की बैना

 

LAXMI KUSHAVAH

बाबुल मै तेरे बागों की लाडली मैंना थी फुदक-फुदक कर इधर-उधर डोला करती थी
दाना-दुनका जो भी दे देता था उसे मै चुपचाप चुग लिया करती थी।
पर तुझसे उठाया न गया मेरा नन्हा सा बोझ और तूने पाली मुक्ति मुझे सैयादों को सौप
यहां मुझे पिंजरें मै बंद कर डाला है,दाना दुनका भी किसी ने न डाला है
हमेशा जब तब सब डण्डी लिये मार पीट किया करते हैं जानते है क्यों बाबा?
क्योंकि तुमने इन्हे सोने का पिंजरा नहीं दिया न!
मेरे गले में सोने की कण्ठी नहीं डाली न!
मै कहीं उड़कर तुम्हारे पास न चली आऊं बाबा
इसलिये मेरे पर भी काट डालें हैं,मेरा शरीर जगह-जगह से घायल हो गया है
पिंजरे से टकरा टकरा कर
जाने क्यों दिन रात मुझे रसोई में ही टांग कर रखा जाता है,
देखना एक दिन आग की लपट उठेगी और तेरी यह मैना कोयला बन जायेगी
पर कटे हैं बाबा उड़ भी न सकूंगी तेरे दिये लोहे के पिंजरे के साथ ही जल जाऊंगी।
इन्हें सोने का पिंजरा देदो न बाबा,यह मुझे नहीं रखना चाहते, कुछ दाने भी नहीं खिलाने चाहते।
केवल सोने का पिंजरा चाहिये इन्हें लादों न बाबा, और मुझे यहां से ले जाओ
वरना स्टोव से लपट उठने ही वाली है , तेरी यह चिरैया जलने ही वाली है
तब रोकर क्या होगा जब मै ही न रहूंगी, दर्द से छटपटाते सांसे ही तोड़ दूंगी।
इसलिये बाबा जरा जल्दि ही आना, जरा भी देर न लगाना, मुझे जीवित ही ले जाना
मुझे जीवित ही ले जाना

#डॉ लक्ष्मी कुशवाह

परिचय
लेखिका का नाम : डॉ0 लक्ष्मी कुशवाह

शिक्षा बीए , एलएलबी, मास्टर डिग्री इन सॉशल वर्क , मास्टर डिग्री इन योग ,रेकी प्राकृतिक चिकित्सा (एन डी)

जन्म दिनांक 2/1/61

स्थान मुरार (ग्वालियर) म.प्र.

पूरा पताः  भोपाल मध्यप्रदेश

प्रमुख विधा मुक्त विधा

पुस्तक प्रकाशनः 1 महिलाओं के प्रति अपराध एवं कानूनी 
प्रयास 2013
2 अन्य काव्य संग्रह में संकलित काव्य 
2 केस स्टडी 18
3 अन्य कहानी संग्रह में संकलित कहानियां प्रकाशित

उपलब्धियां सम्मान एवं पुरस्कार . भारत सरकार द्वारा प्रदत गोविन्दवल्लभ पंत पुरस्कार 2013 महिलाओं के प्रति अपराध एवं कानूनी प्रयास के लिये।

2. राज्य स्तरीय कस्तूरबा गांधी पुरस्कार तीन बार, (महिलाओ एवं कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही हेतु

3.सरोकार संस्था द्वारा प्रदत सशक्त साथी पुरस्कार,

4. सृजन शब्द शक्ति सम्मान वर्ष 2016,
.
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5. काव्यांजली में कल आज और कल कविता के लिये प्रथम पुरस्कार।

6 साहित्य कलश इन्दौर , मध्यप्रदेश द्वारा श्री व श्रीमती ईश्वर पार्वती अलंकरण 17- महिलाओं के प्रति अपराध एवं कानूनी प्रयास पुस्तक के लिये।

7 साहित्य गौरव सम्मान-2017
साहित्य समीर दस्तक द्वारा।

8 सखी गौरव सम्मान 
9 विशिष्ट साहित्य सम्मान -18 सखी साहित्य परिवार गुवाहाटी, असम द्वारा 
10 डीएसपी एवं उपनिरीक्षक के लिये केस स्टडी पर प्रशंसा पत्र
11 कथा गौरव सम्मान 18 हिंदी दैनिक वर्तमान अंकुर देहली द्वारा

संप्रति : उपपुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्याल भोपाल

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