नींद प्राणी के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। नींद से प्राणी नई ऊर्जा को ग्रहण कर कार्यों को सही ढंग से करने में सक्षम होता है, जिन व्यक्तियों की नींद पूरी नहीं होती उनकी स्थिति शराबी जैसी होती है। लंबे समय तक नींद पूरी न हो तो इससे प्राणी […]

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू छोड़ने का निश्चय करने वालों में से केवल 30% लोग ही तंबाकू छोड़ने के उपाय को अपनाने में सफल होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर वर्ष गैर संचारी रोग (कैंसर, मधुमेह, सांस की बीमारी, त्वचा की बीमारी, हृदय रोग) से मरने वालों […]

आइए जानें कोविशिल्ड,कोवक्सिंन,स्पूतनिक तथा अन्य वैकड़ीनो के गुण क्या क्या है † कोविशील्ड (Covishield) कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने मिलकर तैयार किया है और इसके उत्पादन के लिए भारत में इसे पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रही है।ये एक तरह का सौदा है जिसमें प्रति वैक्सीन […]

डर एक जन्मजात किन्तु नकारात्मक संवेग है। भय व्यक्ति को खतरों के प्रति सजग रहते हुए प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार करता है। भय से व्यक्ति में शारीरिक परिवर्तन होते हैं जो उन्हें सतर्कता के साथ प्रतिक्रिया करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। जब कोई लंबे समय तक भय […]

कोरोना की द्वितीय लहर ने ऐसा कहर बरपाया है कि चारों ओर त्राहिमाम -त्राहिमाम मची है । कोरोना की प्रथम लहर से भारत जीता था और इस बार भी महामारी से हम निश्चित ही फिर से जीतेंगे । प्रथम बार भारत में कोरोना ने इतना कहर नहीं ढाया था, जितना […]

कोरोना के दूसरे लहर में बच्चों में संक्रमण का दर अधिक देखने को मिल रहा है और उनके लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं है इसलिए उन्हें अधिक सावधानी एवं सतर्कता रखने की आवश्यकता है। बच्चे अपने साथियों से मिलने के लिए बेचैन है। घर के सीमित दायरे में बने रहने की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।