माँ बाप का परम कर्तव्य बनता है की वो अपने बच्चो को सही तालीम के साथ संस्कार और ज्ञान दे, ताकि आने वाले समय में उन्हें अपने पैरो पर खड़ा होने के लिए कोई परेशानियो का सामना न करना पड़े /दोस्तों आज की शिक्षा व्यवस्था हमारी आने वाली पीढ़ी को […]

पाकिस्तान के विदेश मंत्री श्री शाह महमूद कुरैशी ने जिस तरह से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब गलियारे के उद्घाटन समारोह में भारतीय मंत्रियों के शामिल होने को ‘करतारपुर गुगली’ बताया वह हमारी आस्था का उपहास तो है ही साथ में इससे पता चलता है कि वर्तमान में वहां किस कदर ऊंचे […]

आज का विषय बहुत ही संवेदनशील है / जिसकी आज हर परिवारों को बहुत ही जरूरत है / की आप कैसे सच्चे और अच्छे माता पिता बने/ जिससे आपके परिवार का वातावरण आपके घर के अनुकूल रहे / पुत्र नाटक में जाए, सिनेमा में जाए, गलत रास्ते पर चल पडे,भक्ष्य-अभक्ष्य […]

लोकतंत्र है देश का आधार बनो तुम इसके पहरेदार भारत की गरिमा छू ले तुमसे आकाश  किंतु अपने पथ से विचलित ना हो हो अपने कर्तव्य का भान राजस्थान में चुनावी रणभेरी बज चुकी है । 7 दिसम्बर को नई सरकार को चुनने के लिए हम सभी मतदान में आहुति […]

गानों  की कल्पना,राग,संगीत के साथ गायन  की मधुरता  कानो  में मिश्री घोलती  साथ ही साथ मन को प्रभावित भी करती है | गानों का इतिहास भी काफी पुराना है | रागों के जरिए दीप का जलना, मेघ का बरसना आदि किवदंतियां प्रचलित रही है ,वही गीतों  की राग ,संगीत  जरिए  घराने भी […]

स्वच्छता अभियान जैसे प्रतिष्ठित स्वनामधन्य को हम जैसे दे ठेठ देहाती लोग सफाई के नाम से गुहराते हैं। हमें सदियों से गंदगी फैलाने की आदत विरासत में मिली है इसीलिए सफाई का हो- हल्ला भी मचाना ही पड़ता है। शासन – प्रशासन के सक्षम मुखिया से नाता जोड़ने का सबसे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।