लोग अब रिश्तों का, अर्थ भूल गये है। क्या होते है रिश्ते, समझने से क्या फायदा। कितनी आत्मीयता होती थी, भारतीयों के दिलों में। अब तो एक दूसरे से, आंखे मिलाने से डरते है।। कौन किस का क्या है, सोचने का किसको वक्त है। मैं बच्चे और बीबी साथ है, […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
