“माता दिवस पर मेरी रचना सभी पुत्रो की ओर से अपनी अपनी माताओं के चरणों में समर्पित है” एक अक्षर का शब्द है माँ, जिसमें समाया सारा जहाँ। जन्मदायनी बनके सबको, अस्तित्व में लाती वो। तभी तो वो माँ कहलाती, और वंश को आगे बढ़ाती। तभी वह अपने राजधर्म को, […]

चाहे धरती हो या आकाश बिन माँ के ये भी रहे उदास । बच्चों की हों पूरी हर आस रब से करें यही माँ अरदास ॥ रखती न कभी माँ अवकाश खुशियों के लिए रखें उपवास । माँ का आंचल न जाने क्यों है खुदा भी करता है तलाश ॥ […]

सांस चले तो जीवन मिलता बिन सांस का मतलब मौत बिना सुकर्म के जीवन बेकार व्यर्थ बोल से भला है मौन जिल्लत से तो मौत भली इज्जत है जीवन का मौल अपना वही जो सन्मार्ग बताए वर्ना दुनिया में अपना कौन दुःख में जो साथ निभाये वही अपना मत पूछो […]

किरदार निभाते सब अपना कर्म निभाते सब अपना जीवन रूपी इस यात्रा मे सुख अपना दुख भी अपना जन्म के साथ यात्रा चलती संघर्षो के साथ आगे बढ़ती संस्कार से सुपथ बनता विकर्मो से भाग्य बिगड़ता सृष्टि रूपी जीवनगाड़ी मे कोई चढ़ता कोई उतरता इस गाड़ी का प्रभु नियन्ता वही […]

सुन लो साहब !मेरी भी, मैं तो एक मजदूर हूँ। किस्मत का मारा मैं बेचारा, प्रभु की रहमत से दूर हूँ। लॉक डाउन हुआ है जब से, रोजगार कोई मिलता नहीं। दो वक्त की रोटी का भी , जुगाड़ कोई करता नहीं। हर रोज़ निकलता हूँ घर से, पर काम […]

जिंदगी कितनी मिली ये कभी मत सोचो। जिंदगी में क्या कुछ तुम्हें मिला ये सोचो। जिंदगी मिली है तुम्हें कुछ करने के लिए। इसे तुम यूही मत बिना वजह के गवाओं।। जिंदगी को तुम समझो और इसका मनन करो। फिर मायाने जिंदगी के लोगों के जहन में बैठाओं। कर सके […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।