रेल चली भई रेल चली अपनी प्यारी रेल चली इंजन सीटी जब देता है लगे ख़ुशी की ठेल चली रेल चली भई रेल चली.. कोई नानी के घर जा रहा किसी को चाचू बुला रहा करके ये, धक्कम पेल चली रेल चली भई रेल चली.. खेतों के बीच पहाड़ों से […]
तुम हो आशा हमारी, जीने का सहारा तुम हो। भवसागर में फंसे हम, जिसका किनारा तुम हो। तुझसे है धरा पर जीवन, तुझसे ही साँसे हमारी। तुझसे हर सुबह हमारी, तुझसे ही रैन हमारी। रखना ख्याल सबका, बस इतनी सी कृपा हो। भवसागर में फंसे हम, जिसका किनारा तुम हो […]
आगरा । गरीब सुरक्षा सेना (पंजीकृत ) सीकर, राजस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन आलडिया कुकनवाली ने जनपद आगरा के लिए संगठन की जिम्मेदारी मुकेश कुमार ऋषि वर्मा को सौंपी है । मुकेश को जिला अध्यक्ष पद (अवैतनिक) पर नियुक्त किया गया है । गरीब सुरक्षा सेना एक सामाजिक संगठन है, […]
हे कविवर ! रुको न तुम, झुको न तुम न हो निराश, करो नित सत साहित्य सृजन सदा रहो शारदे तप लीन । तुम्हें करना है चमत्कार दिखाना है समाज को आईना ताकि बदल जाये जग की दिशा- दिशा तुम्हें लड़ना है अन्याय, अधर्म से मिटाना है शोषण । हे […]
रंग बिरंगा पतंग ये कैसे आकाश में उड़ता जाता है बिना किसी डर के जैसे आसमान को छूना चाहता है पर उसकी उड़ान को देखो लोगो के मन में खटकती है उसे रोकने गिराने को कई साजिसे रचती है लाख कोशिशे करे जो कोई सबसे ऊंची उड़ान वो भरता है […]
इन्दौर। कोरोना की दूसरी लहर ने हमसे दूर किये वाचिक परम्परा के हस्ताक्षरिय कवि डॉ. कुँअर बेचैन जी को मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने कलम कैफ़े में श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसमें कवि शम्भू सिंह मनहर, कवि अतुल ज्वाला एवं संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, कवि गौरव साक्षी, हिमांशु […]
आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है।
आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।
इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं।
हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।