जयपुर। राजस्थान लेखिका साहित्य संस्थान तिलक नगर में होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें अध्यक्ष डॉ. जयश्री शर्मा ,उपाध्यक्ष डॉ. रेखा गुप्ता, सह सचिव रेनू शब्द मुखर, प्रबंध निदेशक सुधीर उपाध्याय, सचिव डॉ०सुषमा शर्मा ने सभी को स्नेह का रंग-गुलाल लगाकर भाव भीना स्वागत किया। तत्पश्चात शब्दों […]

जयपुर | जयपुर की  साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्था स्पंदन  और साहित्य समर्था की ओर से अखिल भारतीय डॉक्टर कुमुद कहानी प्रतियोगिता में जयपुर की संपर्क संस्थान की प्रदेश समन्वयक रेनू शब्द मुखर को श्रेष्ठ कहानी इस्तीफा के लिए पुरस्कृत किया गया।  जयपुर प्रेस क्लब स्थित मुख्य सभागार में आयोजित एक […]

वर्तमान समय में यह सच है कि नारी अपनी पूरी शक्ति के साथ चहुँ ओर विकास कर रही है ।आज वह अपने आत्मविश्वास के बल पर समाज में अपनी पहचान बनाने में सक्षम हुई है। नारी को हर परिवार की धुरी माना जाता है फिर भी आज जिधर देखो उधर […]

बेखौफ अभिनंदन चाहिए तुमसा वीर सपूत हर मां को चाहिए  शौर्य की साक्षात मूर्ति दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाला  भारत का भाल अभिनंदन कहलाए   लिए देश को समर्पित गोपनीयता उसकी रख दुश्मन के छक्के छुड़ा  काम महान कर गया ऐसी मिसाल कायम कर अभिनंदन प्रेरणा स्रोत बन गया  अपनी […]

 दिनांक 17 फरवरी । राजस्थान लेखिका साहित्य संस्थान का 29 वां वार्षिक समारोह कनोडिया कॉलेज के तत्वाधान में 17 फरवरी को कॉलेज सभागार में प्रोफेसर डॉ०सुदेश बत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सह सचिव रेनू शर्मा ने बताया कि इस सम्मान समारोह का शुभारंभ अक्षिणी भटनागर के सरस्वती वंदना गायन […]

मन के हारे हार है,मन के जीते जीत आज सुबह जैसे ही उठी पता नहीं क्यों लगा कि कुछ अप्रिय घटना होने वाली है।  मन डर गया पर मैंने कमर कस ली कि चाहे कुछ भी हो परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दूंगी।  दृढ़ निश्चय किया कि आज […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।