बिहार के लोग इसमें सत्तू भरकर और भी जायकेदार और स्वास्थ्यवर्द्धक बनाने लगे। अब बाटी का विविध रूपों में विस्तार अधिकतर रसोईं घरों तक हो गया है। सफर के लिए तो यह सर्व सुलभ और अति लोकप्रिय है। #नीति सिंह प्रेरणा प्रयागराज(उत्तर प्रदेश) Post Views: 624

पर्यावरण बनता जैसे पौधे से, घर संसार बनता वैसे बेटी से। बेटी बचाओ का प्रयास जैसे हो रहा , वैसे ही पर्यावरण को बचाने का प्रयास मानव कर रहा । न काटो पौधे धरती सूख जायेगी , न मारो बेटी को ममता रूठ जायेगी। तबाही दोनों से होगी ये समझ […]

ज्ञान नहीं था जिन्हें किताबों का, न था जिन्हें सदी का पता वो मुझे मुकाम तक पहुंचा गए, ऐसे थे मेरे पिता। संस्कारों की पोटली थी, गृहस्थ जीवन की सीख दी दुनियादारी से जूझना सिखा गए, ऐसे थे मेरे पिता। अपनों के बीच अर्जुन बनो, त्याग के समय देवी बनो […]

बचपन में सुना था कि नेकी का फल मिलता है,पर आज एक संस्था में मुझे जब उस नेकी की घटना को सुनाने पर प्रथम पुरस्कार दिया गया,तब यकीन भी हो गया। घटना उस समय की है,जब मैं अपनी बहन के साथ सफ़र कर रही थी। मेरे कम्पार्टमेंट में कुछ अध्यापिकाएं […]

कुछ अच्छे पल,कुछ बुरी यादें, कुछ झूठे और कुछ सच्चे वादे। न कोई दोस्त पक्का-सा है, न कोई दुश्मन पराया-सा है। बीते साल को विदा करते हैं और कुछ नए वादे करते हैं। गलतियाँ न दोहराएंगे,ये वादा करते हैं, हर पल मुस्कराने का खुद से वादा करते हैं। न साथ […]

आज सखी ‘शिक्षक यात्रा’ पर हम पंख लगा लेते हैं, सब कुछ भूलकर आज नई उड़ान भरते हैं। भूल जाते हैं आज २०-४० उम्र का फासला, जी लेते हैं आज मिलकर जो पल हमें  मिला। वो सुबह उठकर घर की व्यस्तता, सात बजे स्कूल पहुंचना,यही होता था पता। स्कूल में […]

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।