प्रिय सखी तुम ना घबराओ; संघर्षों, तूफ़ानों से। साक्षर, कर्मठ, स्वाभिमानी तुम; सामना करो तूफानों से।। दुख भी आते, सुख भी आते; जीवन इसी का नाम है। ना घबरा इन दुखों से; जीवन में आते, उतार-चढ़ाव हैं।। सोना भी तो आग में तपकर; अपनी कीमत बढ़ाता है। संघर्षों से लड़कर […]

आज देश महफूज कहाँ है अपने ही गद्दारों से सीमा पर तो रण करलेंगे निपटें कैसे खोटों से कौन कहे इन हैवानों की करतूतें कब होंगी कम बच्चा बच्चा चीख रहा है और सभी की आँख है नम जुबां जुबां बोले फिर अब तो इन्कलाब की बोलियाँ अपने ही अपनों […]

मित्रों, यह आलेख खासकर उन विद्यार्थियों के लिए है… जो स्कूल की पढाई कर रहे हैं…| साथ ही उन युवाओं के लिए भी जो बिना लक्ष्य के जीवन जी रहे हैं…| या उन सभी के लिए… जिन्हें अपना लक्ष्य बनाने में मुश्किल होती है…| तो चलिए… शुरू करें…! मित्रों, अभी […]

नवलगढ़ | 23 जनवरी को , राजस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कवि चौपाल के प्रथम प्रांतीय अधिवेशन में मैनपुरी जिले के इकहरा के रहने वाले मनोज कुमार “मंजू” को नवलगढ़ की धरती पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवलगढ़ के कवि मुकेश मारवाड़ी की पुस्तक ‘सरहद के रखवाले’ का लोकार्पण भी […]

आज कल आये दिन लड़कियों के साथ हुई दुर्घटनाओं के बारे में सुनने को मिलता रहता है| कोई घटना होती है तो हर जगह उसकी निंदा करने वाले मिल जाते हैं| कोई कैंडिल मार्च निकालता है, कोई जुलूस तो कोई सड़कों पर जाम लगाता है| क्या इन सबसे पीडिता को […]

जाग उठी फिर शिव की सेना, अब ताण्डव दिखलाएगी ज्वाल बनी अब ये चिंगारी, दुश्मन को राख बनाएगी रक्त सुशोभित हो उठेगा, काश्मीर की घाटी में नरमुंडों की होगी माला, हर फौजी के हाथों में पत्थर से जो सर फोड़े थे, बाजू आज उखाड़ेंगे चुन चुन कर ऐसे चेहरों की, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।