शिव की सेना

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manoj kumar manju

जाग उठी फिर शिव की सेना, अब ताण्डव दिखलाएगी
ज्वाल बनी अब ये चिंगारी, दुश्मन को राख बनाएगी
रक्त सुशोभित हो उठेगा, काश्मीर की घाटी में
नरमुंडों की होगी माला, हर फौजी के हाथों में
पत्थर से जो सर फोड़े थे, बाजू आज उखाड़ेंगे
चुन चुन कर ऐसे चेहरों की, हस्ती आज उजाड़ेंगे
भौंक रहे कुकुरों के जैसे, उनको अब पहचाना है
खादी में कुछ छुपे भेड़िए, उनको सबक सिखाना है
जिनके मुख से भारत मां के, जयकारे न निकलेंगे
ऐसे गद्दारों के मुख हम, बिन जिह्वा के कर देंगे
देखे आज पड़ोसी कितना, दम है हिन्द की सेना में
सिंहों सा साहस बसता है, हिन्दुस्तानी सीनों में
#मनोज कुमार “मंजू”
           परिचय
पूर्ण नाम~ मनोज कुमार
साहित्यिक नाम~ मनोज कुमार “मंजू”
जन्म स्थान~ मैनपुरी
वर्तमान पता~ “अयोध्या-सदन”
                 इकहरा, बरनाहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
स्थाई पता~ “अयोध्या-सदन”
                इकहरा, बरनाहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
भाषा ज्ञान~ हिंदी, अंग्रेजी
राज्य/प्रदेश~ उत्तर प्रदेश
ग्राम/शहर~ “अयोध्या-सदन”
               इकहरा, बरनाहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
पूर्ण शिक्षा~ बी. ए.
कार्यक्षेत्र~ शिक्षक
सामाजिक गतिविधि~ सक्रिय सदस्य एवं कोषाध्यक्ष,                  युवा जागृति मंच मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
लेखन विधा~ मुक्तक, दोहे, घनाक्षरी, कुण्डलिया, कविता, गीत, कहानी, उपन्यास आदि
सम्पादक- वर्जिन साहित्यपीठ, दिल्ली
प्रकाशित पुस्तकें~ छेड़ दो तार- काव्य संग्रह
प्यार के फूल- कहानी संग्रह, बदल दो माहौल- मोटीवेशनल बुक
प्राप्त सम्मान~ हिन्द वीर सम्मान- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली
सूर्यम साहित्य रत्न- सूर्यम साहित्य सागर मैनपुरी
साहित्य सारथी सम्मान- 2018
कवि चौपाल मनीषी सम्मान- 2018
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला साहित्य सम्मान- 2018
लेखनी का उद्देश्य~ मातृभाषा हिंदी को प्रसारित करना

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।